भगवान शिव की नगरी और विद्या के केंद्र काशी में सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक,
तत्कालीन कुर्मी क्षत्रिय समाज के ग्रामीण परिवेश के लोगों के अतुलनीय सहयोग, सोच एवम
सतत प्रयास का नतीजा है । हमारे पूर्वजों ने जो मूलरूप से कृषि एवम ग्रामीण पृष्टभूमि से
थे, काशी को केंद्र में रखकर एक “कुर्मी क्षत्रिय धर्मशाला” के निर्माण की योजना
बनाई जिसका नामकरण प्रबुद्ध जनों द्वारा “सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक” रखा गया जो
सरदार वल्लभ भाई पटेल अतिथि निवास का संचालान कर रही है ।
संस्था के संस्थापक स्मृतिशेष डॉ बलराम सिंह,
तत्कालीन समाज के विशिष्ट जन श्री जूठन सिंह घटमापुर (ढेबरा), बाबू विश्राम सिंह
मगरहाँ, बाबू श्री गुप्तनाथ सिंह सिरिहरा बिहार सदस्य संविधान सभा, बाबू
रामचरित्तर सिंह, भरूहिया, बाबू श्री रामनन्दन सिंह सदस्य विधान परिषद, बाबू श्री
राम सूरत सिंह विहार, श्री मोती सिंह ढेबरा, श्री शिवधार सिंह भदावल, श्री रणजीत
सिंह डोहरी, श्री संकठा प्रसाद सिंह ऐड्वकेट वाराणसी, श्री राम खेलावन सेठ
वाराणसी, श्री शिव प्रसाद सिंह एवम दूसरे विशिष्ट जनों के विचार से एक प्रबंध
समिति का निर्माण किया गया । समिति में श्री रामचरित्तर सिंह भरूहिया अध्यक्ष, डॉ बलराम सिंह मंत्री,
श्री मोती सिंह ढेबरा कोषाध्यक्ष बनाए गए । प्रारंभ के निर्माण काल में प्रथम
समिति ने संस्था का संचालन लंबे समय तक किया । प्रारम्भिक काल में बाबू जूठन सिंह घटमापुर,
धनपत्ती देवी भदावल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बाबू बृजनाथ सिंह भदावल एवम
ग्रामीण समाज के लोगों का भरपूर सहयोग मिला ।
संस्था का शिलान्यास माननीय तत्कालीन
रक्षामंत्री श्री यशवंत राव चव्हाण जी की उपस्थिति में मु. धनपत्ती देवी भदावल
मिर्जापुर के कर कमलों द्वारा 15 अगस्त 1962 को सम्पन्न हुआ । समाज के अप्रतिम
सहयोग से यह संस्था निरंतर विकास करती रही एवम समाज और राष्ट्र के विकास में
योगदान दे रही है । संस्थापक डॉ बलराम सिंह जी के दृढ़ संकल्प से इस संस्था की एक
शाखा माँ विंध्यावासिनी धाम मिर्जापुर में भी संचालित है जिसका भूमिपूजन माननीय
सांसद बालकुमार पटेल द्वारा किया गया । सरदार पटेल स्मारक विंध्याचल मिर्जापुर की
शाखा में सरदार पटेल की आदमकद प्रतिमा के अनावरण का भव्य समारोह 29 जून 2025 को
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव जी के कर कमलों से
सम्पन्न हुआ ।